भारत सरकार की योजनाएं मुख्यमंत्री की सभी योजनाएं {2024}

किसानों की आय को देगुना करने के उद्देश्य से आर्थिक मामले भारत सरकार की योजनाएं

भारत सरकार की योजनाएं

किसानों की आप को देगूना करने के उद्देश्य से आर्थिक मामले की कैबिनेट कमेटी सीसीए ने 1/जुलाई,2015/को ₹200/करोड़ के बजट

आवंटन के साथ राष्ट्रीय कृषि बाजार ई नाम स्कीम को अनुमोदित किया और 14/अप्रैल 2016/को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी न इसको लॉन्च किया l

राष्ट्रीय कृषि बाजार एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रोनिक ट्रेडिंग पोर्टल है, जिसने मौजूदा कृषि उपज विपणन सिमितियो एपी एम सी और अन्य

कृषि मडियो को नेटवर्क से जोड़कर एक विशाल बजार का निर्माण किया हैं l मुख्यमंत्री की सभी योजनाएं

ई राष्ट्रीय कृषि बाजार का प्रमुख उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों में स्थित कृषि उपज मंडी श्रखला को इंटरनेट के माध्यम से जोड़कर एकीकृत राष्ट्रीय कृषि उपव बाजार का विकास करना है l

कार्यान्वयन

राष्ट्रीय कृषि बाजार के व्यापार पोर्टल को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विकसित किया गया है l

प्रत्येक कृषि उपज मंडी को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ने के लिए आवश्यक अधोसरचना प्रशिक्ष्ण आदि पर किया जाने वाला खर्च भारत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा l

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने लघु कृषक कृषि व्यापार संघ SFAC) को इस पारी योजना का मुख्य प्रवर्क्त नियुक्त किया है,https://janavicomputercourse.com/2024/04/%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%af/(सरकारी योजना)बेटियों के लिए कौन कौन सी योजना चल रही है, जानिए क्या हैं, फायदे बेतरीन जानाकारी 2024

प्रमुख बिंदु

. यह एक केंद्रीय क्षेत्रक योजना है जिसका वित्त पोषण एग्री टेक इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड ATIF द्वारा किया जाता है,

ई नाम के अंतर्गत कृषि जीसों के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार है,

इसमें क्रेता वा विक्रेता के आपूर्ति के आधार पर तातक्षणिक मूल्य Real time price को उपलब्धता को सुनिश्चित करते हुए बजाए

प्रक्रियाओं को सरल वा कृषि विपणन को राष्ट्रीय स्तर पर एकरूप बनाया जाता है , कोविड 19/के दौरान मंत्रियों भीड़भाड़ कम करने हेतु

अपैल 2020/में सरकार ने कुछ नवाचारी कदम उठाए हैं, जो निम्नल्खित है, एफ पी ओ ट्रेड मोड्र्यूल इसकी अंतर्गत किसान उत्पादन

संगठन APMC के बजाय अपने संग्रह केंद्र से ही अपने उत्याद का व्यापार कर सकते हैं, इलेक्ट्रोनिक नेगोशीबल वेरहहाऊस रिसिट्र्स

eNWR मोड्र्योल के तहत गोदामों से ही व्यापार की सुविधा दी गई है, यह ऑनलाइन व्यापारिक पोर्टल के माध्यम से मंडी की भौतिक,

मई 2020/तक 18/राज्यों एवं 3/संघ राज्यक्षेत्र की 1.000/मंत्रियों को ई नाम से जोड़ जा चुका है, केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं

गौरतलब है, कि, बजट2021/22/में1.000/और मंत्रियों को जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है, वर्तमान में खाद्यान्न तिलहन रेशे सब्जियों और फलों सहित 150/वस्तुओं का व्यापार इसमें किया जा रहा है l

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना

19/फरवरी 2015/को राजस्थान के श्री गंगानगर जिले से इस योजना को आरंभ किया गया था l जिसका क्रियान्वयन सभी राज्य एवं संघ राज्यक्षेत्र को सरकारों के कृषि विभगो के माध्यम से जा रहा है l राज्य सरकार की योजनाएं

मर्दा स्वास्थ्य कार्ड का उद्देश्य किशनों को उनके खेत की मृदा Soil के पोषक तत्वों की स्थिति की जानकारी देना है, और उन्हें वर्रको की

सही मात्रा के प्रयोग एवं आवश्यक मर्दा सुधारों के संबंध में सलाह देना है, गांव संबधी योजनाओं की जानकारी ताकि लबी अवधि के लिए

मर्दा स्वास्थ्य (soil Health) को कायम रखा जा सके देश के सभी किसानों को प्रत्येक 2/वर्ष पर मर्दा स्वास्थ्य कार्ड जारी किया जाता है,

ताकि उर्वरकों के प्रयोग से आवश्यक पोषक तत्वों की कमी दूर की जा सके

मर्दा स्वास्थ्य कार्ड

मर्दा स्वास्थ्य कार्ड एक प्रिंटेड रिपोर्ट है, जो किसानों को उनकी प्रत्येक जोत के लिए दिया जाएगा इसमें 12/पैरामिटरों जैसे,/N,P,K अर्थात

नाइट्रोजन फास्फोरस पोटेशियम मुख्य पोषक तत्व, सल्फर गुणों पोषण तव्च जिंक आयरन कॉपर मैगनीय बोरॉन सूक्ष्म पोषक तत्व और

pH पी एच,EC,OC, भौतिक पैरामीटर के संबh naध में उनकी मृदा की स्थिति निहित होती इसके आधार पर मर्दा स्वास्थ्य कार्ड में खेती के लिए अपेक्षित मर्दा सुधार और उर्वरक सिफारिशों को भी दर्शाया जाएगा

फरवरी 2021/तक यह योजना 32/राज्यों वा संघ राज्य क्षेत्रों में लागू हो चुकी है l

इसके तहत प्रधम चरण में वर्ष 2015/से 2017/तक 10..74/करोड़ तथा दूसरे चरण में वर्ष 2017/से 2019/तक 11.74/करोड़ कार्ड वितरित किए गए हैं,

इसके तहत मृदा स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए राज्यों को 429/स्थैनिक प्रयोगशालाओं 102/नवीन मोबाइल प्रयोगशालाओं

8.752/मिनी प्रयोगशालाओं 1.562/ग्राम स्तरीय प्रयोगशालाओं और 800/विद्यमान प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ करने की स्वीकृति दी गई है,

संतुलित मात्रा में उर्वरक उपयोग को प्रत्साहित करके उत्पादन में वृद्धि का लक्ष्य जिससे किसानों की आय में वृद्धि तथा उपभोक्ता को सस्ती

दर पर खाद्यान्न उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकें राष्ट्रीय मर्दा स्वास्थ्य कार्ड के डेटाबेस के आधार पर पूरे देश में मिट्टी की गुणावंता के बारे में

विस्तुत अध्ययन किया जा रहा है, मर्दा की अम्लीयता लवणीयता तथा क्षरीयता की जांच कर मर्दा की गुणवत्ता में सुधार हेतु सुझाव उपलब्ध

कराना सरकार देश में मर्दा स्वास्थ्य प्रबंधन (SHM) योजना को भी लागू कर रही है, ताकि मर्दा परीक्षण प्रयोगशालाओं के माध्यम से देश में

मर्दा नमूना परीक्षण क्षमता को बढ़ाता जा सकें जिला स्तर पर पोषक तत्वों के प्रभावकारी इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में

पोषण प्रबंधन आधारित मर्दा परीक्षण सुविधा को विकसित किया जाना तथा पोषण प्रबंधन को बढावा देने के लिए जिला एवं राज्य स्तरीय

कर्मचारीयों के साथ साथ प्रगतिशील किसानों की क्षमता का उपयोग किया जाना

थीम

स्वस्थ धरा खेत हरा

प्रधानमंत्री फसल बीम योजना कब शुरू हुई

प्रधानमंत्री फसल बीम योजना कब शुरू हुई

प्रधानमंत्री फसल बीम योजना

13/जनवरी 2021/को प्रधानमंत्री फसल बीम योजना को 5/बर्ष पूर्ण हो गए हैं, इस योजना के तहत किसानों का नाम जोड़ने के लिए पीएम

एफ बिवाई पोर्टल भूमि रिकॉर्ड को फसल बीम मोबाइल ऐप से जोड़ना तथा फसल नुकसान आकलन लिए सैटेलाइट इमेजरी रिमोट सेंसिंग

टेकनलोजी का प्रयोग जैसे नवाचार किए जा रहे हैं,PMFBY का उद्देश्य अनपेक्षित घटनाओं के कारण फसल हानि से प्रभावित किसानों को

वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना तथा किसानों की आय को स्थिर रखना है,, प्रधानमंत्री फसल बीम योजना क्या है,

कार्यान्वयन

इस योजना को 2016(में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंर्तगत प्रारंभ किया गया है, इसके तहत खाद्यान्न तिलहन वाणिज्यिक तथा

बागवानी फसलों को शामिल किया गया है, PMFBY के अंतर्गत किसानों द्धारा भुगतान की जाने वाली प्रीमियम राशि खरीफ फसलों के

लिए 2%, रबी की फसलों के लिए 1.5%/तथा वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए फसलों के लिए 5%हैं l

इसके अंतर्गत बुआई से पूर्व बुलाई से कटाई तक के नुकसान तथा फसल कटाई के उपरात जोखिमों को शामिल किया गया है,

PMFBY के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय फसल बीम पोर्टल NCIP विकसित किया गया है, प्रधानमंत्री फसल बीम योजना कब शुरू हुई

इसके माध्यम से सभी हितधारकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा PMFBY के तहत बीम कंपनियों को व्यवसाय का आवंटन 3/वर्षो के लिए किया जाएगा भारत सरकार की योजनाएं

योजना क्रियान्वयन में राज्य सरकारों एवं संघ राज्यक्षेत्र को अधिक स्वंतत्रता प्रदन के गई है, अब उनके पास विभिन्न जोखिम कावरी में से

कोई एक या एक से अधिक चयन करने का अधिकार है, फसल बीम कंपनी के नाम राज्य सरकारों द्वारा बीम कंपनियों को प्रीमियम

सब्सिडी

का भुगतान निर्धारित समय सीमा पर करना होगा इसमें विफल होने पर उक्त सीजन में योजना लागू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी

योजना के अंतर्गता सभी किसानों के लिए नामांकन स्वैच्छिक बनाया जाएगा पूर्वोत्तर राज्यों के लिए प्रिमियम सब्सिडी में केंद्रीय अंशदान 50%/से बढ़ाकर 90%किया जाएगा l

प्रशासनिक खर्चों के लिए लिए योजना के कुल आवंटन का 3%/अनिवार्य रूप से रखा जाएगा l सभी परिवर्तन 2020/में खरीफ सीजन से लागु किए गए हैं l

प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना

12/सितंबर 2019/को लघु वा सीमांत कृषकों हेतु पेंशन योजना के रूप प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना शूरू की गई थी l मार्च 2021/तक 21/लाख से ज़्यादा किसान इसमें शामिल हो गए हैं , प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना कब शुरू हुई

उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य सीमांत एवं लघु किसानों को सामाजिक सुरक्षा एवं वृद्ध वस्था संरक्ष्ण प्रदान करना है l

प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना का क्रियान्वयन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय कर रहा है,

प्रमुख बिंदु

पीएम किसान मान धन योजना के तहत किसान ₹55/से ₹200/प्रतिमाह (उम्र के अनुसार) अंशदान से 60/वर्ष

की आयु पुरी होने पर ₹3000/प्रतिमाह की न्यूनतम नियमित पेंशन प्राप्त कर संकेगे यह एक स्वैच्छिक योजना

है , जिसमें किसान के योगदान की राशि के बराबर राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी इस योजना में शामिल

होने के लिए किसान की आयु 18/से 40/वर्ष के बीच होनी चाहिए लाभार्थी की मृत्यु होने पर (60/वर्ष के बाद)

उसके जीवनसाथी को पेंशन का पचास प्रतिशत हिस्सा प्राप्त करने का अधिकार होगा बशर्त वह इस योजना

के अंतर्गत लाभार्थी न हो 60/वर्ष से पहले लाभार्थी की मृत्यु होने पर जब वह योगदान दें रहा हो उसका

जीवन साथी इस योजना में नियमित योगदान देने का विकल्प चुन सकता है l योजना के अंर्तगत किसान यह

विकल्प चुन सकता है, कि उसके मासिक योगदान की राशि को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पीएम किसान

योजना के अंतर्गत प्रदांत राशि से सीधा काट लिया जाए इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में ई गर्वनेंस सेवाएं

प्रदान करने के लिए गठित कॉमन सर्विस सेंटर्स में भी किसान मासिक योगदान राशि जाम कर सकते हैं,

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

24/फरवरी,2021/प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को दो वर्ष पूर्ण हो गए इसके तहत देश में 11,73/करोड़ लाभार्थियों को किसान निधि प्रदान की जा रही है l

इसका उद्देश्य देश में सभी भूमि धारक पात्र किसानों को निवेश और अन्य जरूरतों के लिए सुनिश्चित आय सहायता प्रदान करना है,

इसका क्रियान्वयन भारत सरकार का कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय कर रहा है, मुख्यमंत्री की सभी योजनाएं

इस योजना के लाभार्थी की पहचाना राज्य सरकारों द्वारा की जाएगी इस योजना का लाभ संस्थागत भूमि धारकों को प्राप्त नहीं होगा सभी

आयकार दाता तथा ₹10/हजार से ज्यादा मासिक वेतन प्राप्त करने वाले इस योजना के दायरे से बाहर हैं, इस योजना के तहत मात्र किसान

परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6.000/की दर से प्रत्यक आय सहायता उपलब्ध कराई जाती है, यह आय सहायता ₹2.000/की तीन समान किस्तों

में 4/महीनों के अंतराल पर लाभान्वित किसानों के बैंक खातों में प्रत्येक लाभ अंतराल DBT के जरिए सीधे ही हंस्तारित कर दी जाएगी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

यह शर्त प्रतिशत केंद्र पोषित योजना है, जिसका वित्त पोषण भरता भरता सरकार द्वारा द्वारा किया जाएगा पति पत्नी या पिता सरकारी नौकरी में हैं, जिसका वित्त पेंशन भोगी है तो उसे भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा l

राज्यों को लाभार्थियों की जानकारी इसके पोर्टल पर अपलोड करनी होगी इसके बाद कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लाभार्थियों के खातों में राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी l

ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural development)

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)

वर्ष 1985/में आरंभ इंदिरा आवास योजना को नए रूप में प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराना है, इस योजना का कार्यान्वयन भरता सरकार का ग्रामीण विकास मंत्रालय कर रहा है,

प्रमुख बिंदु

योजना के अंतर्गत लाभार्थी को पक्के घर के निर्माण के लिए मैदानी इलाकों में ₹1.20/लाख और पहाड़ी राज्यों दुर्गम इलाकों और आई एपी

(Integrated Activity plan lAP) जिलों में ₹1.30/लाख की सहायता राशि प्रदान की जाती है, लाभार्थियों का चयन 2011/की सामाजिक आर्थिक और जातिगत जनगणना पर आधारित है l सरकारी योजना UP

घरों का न्यूनतम आकार 25/वर्ष मीटर का होना चाहिए जिसमें खाना पकाने की एक स्वच्छ जगह को भी सम्मिलित किया गया है,

तकनीकी सहायता हेतु राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण आवास के मद्देनजर राष्ट्रीय तकनीकी सहायता एजेंसी NTSA/की स्थापना भी की जाएगी l

इसके लिए वर्ष 2018/19/तक एक करोड़ घरों के निर्माण के लिए PMAYG कार्यक्रम की कुल लागत ₹1.30,075/करोड़ है,

यह लगाता भारत सरकार और राज्य सरकारों के बीच मैदानी क्षेत्रों के लिए 60/40/के अनुपात में तथा पहाड़ी क्षेत्रों उत्तर पूर्वी राज्यों और

तीन हिमालई राज्यों में लागत साझा करने का अनुपात 90:10/का है, दिल्ली और चंडीगढ़ के अतिरिक्त यह योजन पूरे भारत में क्रियानयन किया जा रहा है, राज्य सरकार की योजनाएं

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा 2005/के तहत अप्रैल जून 2021/में 3.9/लाख परिवारों ने 100/दिन का रोज़गार पूर्ण कर लिया है l

इसका उद्देश्य मांग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को वित्तीय वर्ष में एक गारंटी कृत रोजगार के रूप में कम से कम 100/दिनों का अकुशल मैन्यू अल कार्य उपलब्ध कराना l

इसके परिणामस्वरूप, निर्धरित गुणावता और स्थायित्व की उत्पादक संपंतियों का निर्माण किया जाता है,

मनरेगा ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम हैं , मजदूरी के माध्यम से रोजगार के अवसरों की गारंटी प्रदान कर ग्रामीण

भारत में रहने वाले सर्वाधिक सुभेध लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना ग्रामीण क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधन आधार का

कायाकल्प करना एक स्थायी और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्ति आधार का निर्माण करना स्थाई परिसंपंतियों, निर्माण बढ़ावा

देखर रोजगार अवसरों के निर्माण माध्यम से ग्रामीण निर्धनों की आजीविका सुरक्षा में वृद्धि करना विभिन्न निर्धनता और आजीविका पहलों

के अभिसरण के माध्यम से विकेंद्रीकृत सहभागितापूर्ण, आयोजन को सुदृढ़ करना पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त कर जमीनी स्तर पर

लोकतंत को सुदृढ़ करना अधिकार आधारित विधिक प्रक्रियाओं के माध्यम से सामाजिक रूप से वंचित वर्गों विशेष रूप से महिलाओ अनुसूचित

जाति (SC) और अनुसूचित जनजातियों ST/का शशक्तिकारण करना मनरेगा के अंतर्गत लिए जाने वाले कार्यों का सामाजिक लेखापरीक्षा

(Social Audit) अनिवार्य है,, इसके तहत कम से कम एक तिहाई लाभर्थि महिलाएं होना आवश्यक है, इसके तहत 5/किमी, के दायरे में

रोजगार प्रदान किया जाता है और यदि दूरी 5/किसी से अधिक है, तो अतिरिक्त मजदूरी का भुगतान किया जाता है, महत्मा गांधी राष्ट्रीय

ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005/के अनुसार केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा इसके लाभार्थियों के लिए मजदूरी दर विनि दीर्ष्ट कर सकती है,

यादि आवेदन करने या कार्य मांगे जाने के पंद्रह दिनों के अन्दर रोज़गार प्रदान नहीं किया जाता हैं, तो आवेदनकर्ता बेरोजगारी भत्ता पाने

का अधिकारी होता है, बेरोजगारी भत्ता राज्य सरकारों द्वारा वहन किया जाता है,

मजदूरी और निर्माण सामग्री में 60:40/के अनुपात को बनाए रखा जाना चाहिए कोई ठेकेदार और मशीनरी अनुमन्य नहीं है,

केंद्र सरकार कुशल अर्द्ध कुशल श्रीमिकों की मजदूरी सहित अकुशल केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं मैनुअल श्रम की 100/प्रतिशत,

मजदूरी लगाता एवं भैतिक लागत के 75/प्रतिशत का वहन करती है, सरकार ने विभिन्न राज्यों में अधिसूचित सूखा प्रभावित जिलों में

100/दिनों से अधिक दिनों (150/दिनों तक) के लिए अतिरिक्त रोज़गार को मजदूरी दे दी है, भारत सरकार की योजनाएं

गरीब कल्याण रोज़गार अभियान

COVID,19/महामारी के चलते प्रवासी मजदूरों के समक्ष उत्पन्न रोज़गार की समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा

20/जून 2020/को गरीब कल्याण रोज़गार अभियान की शुरूआत की गई l इस अभियान की शुरूआत प्रधानमंत्री द्वारा वीडियो

कॉन्फेंस के माध्यम से बिहार के खगड़िया जिले के ग्राम तेलिहार से की गई यह 125/दिनों का अभियान था l मिशन मोड में संचालित, किया गया l

इस अभियान में छः राज्यों (बिहार उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान झारखंड तथा ओडिशा को शामिल किया गया l इस अभियान में 116/

जिलों को इस अभियान के लिए चूना गया है, जिसमें 27/आकाक्षी जिले भी शामिल थे l इस कार्यक्रम में शामिल छः राज्यों के गवां कॉमन,

सर्विस सेंटर तथा कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से शामिल हुए जो कोरोना के कारण लागू शारीरिक दूरी के मानदंडों को भी ध्यान में रखा l

यह अभियान 12/विभिन्न मंत्रालयों विभागों का समन्वित प्रयास हैं, जिसमें पंचायती राज ग्रामीण विकास सड़क परिवहन और राजमार्ग खान

पेयजल और स्वच्छता पर्यावरण रेलवे नवीकरणीय ऊर्जा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सीमा सड़क संगठन दूरसचार तथा कृषि मंत्रलया शामिल हैं,

श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूबन मिशन

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सामाजिक और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी ग्रामीण मिशन

(Shyama Prasad Mukherjee Rurban Mission SPMRM) की शुरूआत की हैं,

गौरतलब है, कि इस मिशन को 21/फरवरी,2016/में लॉन्च किया किया गया था l और इस मिशन के तहत 300/ग्रामीण रूबन क्लस्टर को

विकसित करने की परिकल्पना की गई है, रूबन क्लस्टर भौगोलिक दृष्टि से निकटवर्ती गावों का एक समूह होगा इन क्लस्टर में मैदानी और

तटीय क्षेत्रों के 25.000/से 50.000/से 15000/जनसंख्या वाले ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा यह मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी

में शहरी सुविधाओ का प्रावधान पुरा PURA provision of Urban Amenities of Rural Areas का स्थान लेगा l केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं

कार्यन्यान

इस योजना के तहत राज्य सरकारें ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा क्रियानायन के लिए तैयार रूपरेखा के अनुरूप क्लास्टरों की पहचान करेगी,

गावों को स्मार्ट बनाने वाले इस मिशन हेतु पंचायत स्तर की योजनाओं गांव संबधी योजनाओं की जानकारी के धन का उपयोग किया जाएगा

इस केंद्र प्रायोजित योजना में वित्तीय से जुड़े दो घटक हैं, विभिन्न केंद्र प्रायोजित क्षेत्र्क योजनाओं तथा राज्य क्षेत्र्यक प्रयोजित योजनाओं कार्यक्रमों वा सी एस आर निधि का अभिसरण: क्रतिक अंतराल निधि

Critical Gap Fund में गैर जनजातीय क्लस्टर के लिए प्रति क्लस्टर ₹30/करोड़ तक तथा जनजातीय एवं पहाड़ी राज्यों वाले क्लास्टर के

लिए प्रति क्लस्टर ₹15/करोड़ तक प्रवधान किया गया है,

रूबन मिशन के अतंर्गत 14/प्रमुख वांछनीय घटक (Desirable Component) सम्मिलित किए गए हैं, जैसे

•आर्थिक गतिविधियों से जुड़ें कौशल विकास प्रशिक्षण

•कृषि प्रसंस्करण कृषि से जुड़ी सेवाएं भंडारण और वेयर हाउसिंग l

•मोबाइल हेल्थ इकाई

•स्कूल उच्च शिक्षा सुविधाओं का उन्नयन करना

•स्वच्छता को बढ़ावा देना l

•पाइप से जलापूर्ति l

•ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन

•गवां की सड़कों और नालियों का रखरखाव एवं निर्माण

•स्रतित लाइट

•गावों को जोड़ने वाली सड़के

•सार्वजनिक परवाहन

•एल पी जी गैस कनेक्शन

•डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना

•नागरिक सेवा केंद्र ई ग्राम कनेकितावित l

सांसद आदर्श ग्राम योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गावों के संपूर्ण विकास हेतु लोक नायक जय प्रकाश नारायण के जन्मदिन के अवसर पर वर्ष

2014/11/अक्तूबर,2014/से संसार आदर्श ग्राम योजना का शुभारंभ किया था l यह योजन सीधे क्षेत्र विषेष के सांसदों से जोड़कर शुरू की गई है,

इस योजना का प्रथम लक्ष्य मार्च 2019/तक प्रत्येक सांसद द्वारा तीन आदर्श ग्राम बनाना था l जिसमें से पहला 2016/तक बना लेना था l

इसके बाद सांसदों द्वारा ऐसे पांच आदर्श गावों प्रतिवर्ष एक का चयन किया जाना है, जिन्हे वर्ष 2024/तक विकसित किया जाएगा l

इस योजना का उद्देश्य गावों और उसकी जनता में लैगिक समानता महिलाओं के लिए सम्मान स्व निर्भरता आपसी सहयोग शांति वा

सौहार्द सामुदायिक सेवा और संकल्प जैसे मूल्यों को स्थापित करना है, जिससे ये गंवा अन्य लोगों के लिए आदर्श बन सकें सांसद आदर्श

ग्राम योजना का एक अन्य उद्देश्य सभी के लिए शिक्षा सुविधाएं वयस्क साक्षरता ई सरक्षता सुलभ कराना भी है, शिक्षा के आलावा इन गांव, में उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं भी होगी l

इसमें शत प्रतिशत, टीकाकरण शत प्रतिशत संस्थागत डिलीवरी शिशु मृत्यु दर तथा मार्ता मृत्यु दर में कमी, बच्चों में कुपोषण की कमी की

समस्या से छुटकारा इत्यादि मिलना संभव हो पाएगा सांसद आदर्श ग्राम योजना का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य मजबूत एवं पारदर्शी ग्राम

पंचायतों, तथा सक्रिय ग्राम सभाओं के जरिए स्थानीय लोकतंत्र भारत सरकार की योजनाएं PDF को मजबूत करना तथा सुशासन,

सुनिश्चित करना है, इसके तहत निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की एवं बच्चों से जुड़े विशेष मुद्दों पर विचार विमर्श के लिए महिला,

सभाओं और बाल सभाओं का आयोजन भी किया जाएगा चिन्हित आदर्श ग्राम को स्थानीय विकास के ऐसे केंद्रों के रुप में विकसित

करना जो अन्य ग्राम पंचायतों को प्रशिक्षित कर सकें सरकार आधारित विकास दृष्टि कोण की बजाय एक समाज आधारित विकास स्थापित करना l

यह योजन ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्वावधान में चलाई जा रही है, योजन का क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा ग्राम विकास योजना के जरिए किए जाएगा l

हर गांव में नियोजन की प्रक्रियां को सहभागित के जरिए क्रियान्वित किया जाएगा जिसमें समन्वय स्थापित करने का काम जिलाधिकारी

करेंगे सांसद इस मुहिम को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे l

राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अगुवाई में एक उच्चाधिकार के आलावा विशेषज्ञ और सिविल सोसाइटी के कम से कम दो प्रतिनिधि भी होंगे

प्रमुख बिंदु

इस योजना के अंतर्गत सांसद गांवों को चरणबद्ध रुप से आदर्श ग्राम बनाने के लिए गोद लेंगे ग्राम पंचायत विकास के लिए मूलभूत इकाई, होगी

ऐसे गांव जिन्हें आदर्श ग्राम योजना के तहत चुना जाएगा जिनकी जनसंख्या मैदानी भागों में 3000/5000/और पहाड़ी जनजातीय और

दुर्गम क्षेत्रों में 1000/3000/होगी जिन गांवों में गांव की इकाई उपलब्ध नहीं हैं, वहां पंचायतों को चुना जा सकता है,

इस योजना के तहत लोक सभा के सांसद को अपने निवर्चन क्षेत्र से एक ग्राम पंचायत को चुनना होगा जबकि राज्य सभा सांसद आपने

निवर्चन् राज्य से अपनी पंसद के लिए के ग्रामीण क्षैत्र से कोई भी ग्राम पंचायत चुन सकते हैं, इसमें सांसद का अपना या उनकी पत्नी पति का

गांव शामिल नहीं होगा नामित सदस्य देश के किसी भी जिले के ग्रामीण क्षैत्र से किसी एक ग्राम पंचायत का चयन कर सकते हैं,

शहरी निर्वचयन क्षेत्र के मामले में जहां कोई ग्राम पंचायत नहीं है, संसद सदस्य अपने आसपास के ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र किसी ग्राम पंचायत का निधारिणा करेंगे l

स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0

इसके लिए 2021/2026/तक 5/वर्षो की अवधि ₹1,41,678/करोड़ का वित्तीय आवंटन किया जाएगा स्वच्छ भारत मिशन शहरी की शुरू आत कब हुई

उद्देश्य

स्वच्छ भारत मिशन शहरी के दूसरे चरण में शहरी भारत की और अधिक स्वच्छता के लिए पूर्ण मल अपशिष्ट प्रबंधन अपशिष्ट जल उपचार

कचरे का प्थाक्क्रण एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को कम करने निर्माण और ध्यान गतिविधियों से उत्पन्न अवशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन द्वारा

वायु प्रदूषण में कमी करने तथा सभी पुराने कचरे के स्थानों Dump Sites का जैव उपचार करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा l

इसका कार्यन्वयन आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय कर रहा है, सभी वैधानिक शहरों में निम्नलिखित, घटकों के अंतर्गत स्वच्छ भारत

मिशन शहरी का वित्त पोषण और कार्यान्वयन किया जायेगा सतत स्वच्छता के लिए शौचालयों का निर्माण करना स्वच्छ भारत मिशन शहरी

के दूसरे चरण में एक लाख से कम आबादी वाले सभी नगरीय स्थानीय निकायों में अपशिष्ट जल उपचार सहित अपशिष्ट मल प्रबंधन को नए

घटक के रुप में शामिल किया गया है, ठोस कचरा प्रबंधन सूचना शिक्षा एवं संचार के साथ क्षमता निर्माण स्वच्छ भारत मिशन शहरी के दूसरे

चरण की समाप्ति पर निम्नलिखित लक्ष्य प्राप्त होने की संभावना है,

सभी वैधानिक शहर ऑडी एफ प्रमाणित हो जाएंगे एक लाख से कम आबादी वाले सभी वैधानिक शहर ऑडी एफ प्रमाणित हो जाएंगे l

एक लाख से कम आबादी वाले सभी वैधानिक शहरों के 50/फीसदी हिस्से जल प्रमाणित हो जाएंगे आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय

के स्टार रेटिंग प्रोटोकॉल के अनुसार सभी वैधानिक शहर कम से कम 3/स्टार कचरा मुक्त होंगे सभी पुराने कचरे के स्थानों Dump Sites का जैव उपचार हो जाएगा l भारत सरकार की योजनाएं

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